माँ दुर्गा की मुख्य सवारी शेर क्यों

हमारे पुराण और धर्मग्रंथ बताते है किस देवी देवता को कौनसी सवारी पसंद है और उनका प्रिय अस्त्र शस्त्र क्या है।

इस सम्बन्ध में एक पौराणिक कथा आती है क्यों माँ ने सिंह को ही क्यों  अपना  सवार चुना |

यह बात उन दिनों की है जब पार्वती  भगवान शिव की तपस्या में लीन रहती थी । एक दिन वहा एक शेर आया जो अत्यंत भूखा था ।  उसने पार्वती जी को तपस्या करते देखा तो उसे बड़ी ख़ुशी हुई की वो इस महिला को खाकर अपना पेट भर लेगा ।

शेर पार्वती की तपस्या को खत्म होने का इंतज़ार कर रहा था पर पार्वती तो अपनी तपस्या में मग्न थी ।

पार्वती जी का जब ध्यान उस शेर पर पड़ा तब उन्हें लगा की उनके साथ साथ इस शेर ने भी मन  से घोर  तपस्या की है । कुछ दिनों बाद भोले नाथ उनके तप पर प्रसन्न हो गए और दर्शन दिए ।

देवी पार्वती ने उन्हें बताया की इस शेर ने भी उनके साथ तप किया है अत: इसे भी आप मेरी सवारी बनने का वरदान दे |

तब से माँ पार्वती का ही रूप दुर्गा के साथ हमेशा एक सिंह दिखाई देता है । इन्हे शेरोवाली माता के नाम से भी भक्त पुकारते है ।

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