भगवान श्री कृष्ण की 16108 पत्नियाँ

भगवान श्री कृष्ण ने रचा था विवाह वो भी 16108 कन्याओ  के साथ ?

सुन कर भी विश्वास नहीं करने वाली बात है कि किसी की 16108 पत्नियां हो सकती है परंतु यह बात बिल्कुल सत्य है और बिल्कुल अविश्वसनीय है भगवान श्री कृष्ण की 16108  पत्नियाँ  थी ! यह बात तो हम सब जानते हैं कि प्राचीन काल में राजा महाराजा एक से अधिक विवाह करते थे जिसे हम बहु विवाह  भी कह सकते हैं !

भगवान श्री कृष्ण की पत्नियां

फोटो : khaskhabar.com

एक से अधिक विवाह करना उस जमाने में कोई बड़ी बात नहीं थी पर फिर भी 16108 पत्नियो यह सुनकर बहुत अटपटा सा लगता है पर वास्तव में भगवान श्री कृष्ण की 16108 पत्नियां थी |  हम यह बात तो अक्सर सुनते आए हैं कि भगवान श्री कृष्ण की 16108 पत्नियां थी पर वास्तविक रुप में किसी को यह सत्य मालूम नहीं है कि उन्होंने इतनी कन्याओं से विवाह किन-किन परिस्थितियों में किया था ! वास्तव में भगवान श्रीकृष्ण की 16100 रानी थी और आठ पटरानियां थी !

भगवान श्री कृष्ण की आठ पत्नियाँ :

भगवान श्री कृष्ण की 8 पटरानियों जिनका नाम रुक्मणी, सत्यभामा, जांबवती, कालिंदी, मित्रविदा, नाग्नाजिती, भद्रा और लक्ष्मणा थी !

कैसे और क्यों की भगवान श्री कृष्ण ने 16100 कन्याओ से विवाह :

माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जिन 16100 महिलाओं से विवाह किया था वह नरकासुर द्वारा कैद की हुई कन्याएं थी ! नरकासुर पृगज्योतिषा का राजा था ! वह विष्णु के अवतार वराह और पृथ्वी की देवी भूमि का पुत्र था ! भूमि पुत्र होने के कारण उसको व भोमासर भी कहा जाता था ! उन्होंने 16000 देशों पर विजय प्राप्त करी थी ! जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड शामिल था ! भोमासर ने जिन देशों पर विजय प्राप्त की उस ने वहां के राजाओं और आम लोगों की सुंदर कन्याओं को हरण कर लिया था और उनको एक पहाड़ी पर कैद करके रखा था ! नरकासुर में इंद्रदेव की मां के कान की बाली और पानी के देवता वरुण का शाही छाता चुराया था ! अपने चारों ओर अपना आतंक फैलाया हुआ था ! इसी से परेशान होकर इंद्र भगवान कृष्ण के पास गए थे और उनसे आग्रह किया था कि वह इस राक्षस की कुरूरता से लोगों को निजात दिला सकते हैं और उन्होंने कहा कि अब आप ही इस संकट से मुक्ति दिला सकते हैं और संपूर्ण विश्व को उसके अत्याचार से मुक्त करा सकते है! भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र भगवान के इस बात को स्वीकार किया और अपने रथ में अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ बैठकर युद्ध के लिए रवाना हुए और उन्होंने नरकासुर का वध कर सभी को इससे मुक्ति दिलाई थी ! नरकासुर की मां ने उसके द्वारा चुराई हुई सभी चीजें भगवान श्रीकृष्ण को वापस कर दी थी ! उसमें वह 16100 कन्याएं भी शामिल होती लेकिन पहले का समय ऐसा था कि अगर किसी की पुत्री का अगर हरण हो जाता था तो वह लोक लाज के डर से उसे दुबारा अपनाने से डरते थे इसीलिए उनको अपनाने के लिए कोई तैयार नहीं था इस वजह से भगवान श्रीकृष्ण ने उन सभी को अपनाया था और उन से विवाह किया था ! माना जाता है कि 16100 कन्याएं कोई और नहीं बल्कि पिछले दिनों में ऋषि मुनि चाहिए उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को अपने पति रुप में प्राप्त करने के लिए बहुत सपोर्ट किया था और उनको अपने अगले जन्म में कन्या रूप मिला इसलिए भगवान कृष्ण ने इनकी मनोकामना पूर्ण करने के लिए इनसे शादी की थी

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