कामधेनु गाय सभी इच्छाओ को पूर्ण करने वाली माता

कामधेनु माँ इच्छापूर्ण गाय

पुराणों में वर्णन मिलता है की कामधेनु एक दैविक गाय थी जिसके दर्शन मात्र से सभी दुःख दूर हो जाते थे | काम मतलब इच्छा और धेनु मतलब पूर्ण करना अत: कामधेनु मतलब इच्छा को पूर्ण करने वाली | इसे सुरभि भी कहा जाता है | इस गौ का दूध अमृत तुल्य होता है | दैवीय शक्तियाँ से पूर्ण गाय में सभी देवी देवताओ का वास रहता है |

माता स्वरूपिणी सभी का पालन करने वाली मानी जाती है | महिमा मुख से पूर्ण रूप से बताना मुश्किल है |

मान्यता है की क्षीर सागर समुन्द्र मंथन के माध्यम से यह माता रूपिणी गाय अवतरित हुई थी |

इस  चमत्कारिक गाय से जुडी भिन्न भिन्न कथाये है |
एक कथा परशुराम जी के पिता जमदग्नि ऋषि जी की थी जिनके पास कामधेनु गाय थी | राजा सहस्त्रार्जुन इसी गाय को लेने के लिए आश्रम पर हमला कर दिया पर गाय स्वर्ग की तरफ चली गयी | भगवान परशुराम ने तब सहस्त्रार्जुन का वध किया |


अन्य कथा :
विश्वामित्र और महर्षि वसिष्ठ के बीच भी कामधेनु गाय को लेकर युद्ध हुआ | महर्षि वसिष्ठ के पास यह गाय थी जिसे विश्वामित्र लेने चाहते थे |

कामधेनु गाय से जुड़ा मुख्य मंत्र :

प्रातः स्नान करके गौ माँ पर गंगा जल छिडके | फिर अक्षत पुष्प से गौ की पूजा करे | गौ को  भोग लगाकर

यह मंत्र पढ़े |

ॐ सर्वदेवमये देवि लोकानां शुभनन्दिनि।
मातर्ममाभिषितं सफलं कुरु नन्दिनि।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.