शनिदेव के है 9 वाहन , वाहन से शुभ अशुभ फल की प्राप्ति

शनि के 9 वाहन और मिलने वाला फल

शनिदेव एकमात्र ऐसे देवता है जिनके एक दो नही बल्कि नौ वाहन है | शनि देवता को मनुष्य के कर्मो का न्यायाधीश माना गया है | व्यक्ति के अच्छे बुरे कर्मो के आधार पर यह उनके जीवन में अच्छे बुरे फल देते है | सभी मुख्य हिन्दू देवी देवताओ के वाहन बताये गये है जो उनकी प्रतिमा और फोटो में भी दिखाई देते है | भैरव का वाहन श्वान (कुत्ते ) को तो कार्तिकेय की सवारी मोर को बताया गया है | पर शनिदेव के सभी वाहनों की संख्या 9 है |


शनि वाहन और फल

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वाहन प्रभु के सात सुजाना। दिग्गज, गर्दभ, मृग, अरुस्वाना।।
जम्बुक, सिंह आदि नखधारी। सो फल ज्योतिष कहत पुकारी।।

अर्थात- शनि चालिसा से  शनिदेव के सात वाहन हैं- हाथी, गधा, हिरण, कुत्ता, सियार, शेर, व गिद्ध।
इसके अलावा भैंसा व कौए को भी इनका वाहन माना गया है।

शनि का वाहन और आपकी कुण्डली

शास्‍त्रों की माने तो शनि जिस वाहन में सवार होकर किसी व्‍यक्‍ति की कुंडली में प्रवेश करते हैं उसकी राशि की गणना करके तय होता है कि उनका आगमन व्‍यक्‍ति के लिए अच्‍छा है या बुरा।

कैसे होती है गणना

इस गणना की विधि सुनने में कठिन लगती है पर है गणित के सूत्रों की तरह एक दम सुनिश्‍चित। इसके लिए जन्म नक्षत्र की संख्या और शनि के राशि बदलने की तिथि के नक्षत्र की संख्या जोड कर उसके योगफल को नौ से भाग करना होता है। इस गणना से मिली संख्या के आधार पर ही शनि का वाहन निर्धारित होता है। एक दूसरी विधि भी है, इसमें शनि के राशि प्रवेश करने की तिथि की संख्या, ऩक्षत्र संख्या, वार संख्या और नाम के प्रथम अक्षर संख्या सभी को जोडकर योगफल को 9 से भाग देदें, जो शेष संख्या आयेगी वो शनि के वाहन की जानकारी देगी। दोनो विधियों मे यदि शेष 0 बचे तो मानना चाहिए कि आपकी अपेक्षित संख्‍या 9 है।

किस वाहन के साथ शनि करेंगे प्रवेश

शनि के नौ वाहनों में गिद्ध, घोड़ा, गधा, कुत्ता, शेर, सियार, हाथी, मोर और हिरण शामिल हैं। जिसकी गणना का उत्‍तर

1 है तो उसके लिए शनि का वाहन गधा होगा,

2 होने पर वाहन घोड़ा होगा

3 होने पर हाथी,

4 होने पर भैंसा,

5 होने पर सिंह,

6 होने पर सियार,

7 होने पर कौआ,

8 होने पर मोर और

शेष संख्‍या 9 होने पर शनि का वाहन हंस होगा।

शनि के वाहन और उसका जीवन में  फल

हंस : यदि शनि आपकी कुण्डली में हंस पर सवार होकर प्रवेश कर रहे है तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह व्यक्ति को सामाजिक और आर्थिक रूप से वैभव, संपन्नता और मान-प्रतिष्ठा देता है। यह सवारी शनिदेव की सबसे अच्छी बताई गयी है |

मोर : यह  जातक को शुभ फल देता है। मेहनत के साथ अच्छा भाग्य बनता है और सभी कार्य मेहनत और लगने से पूर्ण हो जाते है |

कौवा : यदि शनि कौवे के साथ जातक की कुण्डली ने आ गये तो उसे कलह का सामना करना पड़ेगा | घर के सदस्यों या काम करने वाली जगह मन मुठाव होगा | जातक को शांति और संयम के साथ यह समय बिताना चाहिए |

सिंह : शनि वाहन सिंह होने का फल शुभ माना जाता है | व्यक्ति को दिमाग और ध्यान से कार्य करे तो सफलता जरुर प्राप्त होती है | अपने शत्रुओ से डरने की जरुरत नही है |

भैसा : इस दशा में जातक को अच्छा बुरा दोनों तरह का मिला जुला फल प्राप्त होता है |

सियार : यह अशुभ फल और बुरी सूचनाये दिलवाता है | जातक को धैर्य , हिम्मत और संयम से काम लेना चाहिए |

घोड़ा : यदि शनिदेव का वाहन घोड़ा हो तो जातक को शुभ फल मिलते हैं। इस समय जातक समझदारी से काम लें तो अपने शत्रुओं पर आसानी से विजय पा सकता है। घोड़े को शक्ति का प्रतिक माना जाता है, इसलिय व्यक्ति इस समय जोश और उर्जा से भरा होता है।

गधा : शनिदेव का वाहन गधा  अशुभ फल देने वाला माना जाता है। छोटी से छोटी सफलता के लिए अत्यंत मेहनत करने की आवश्कता होती है |

हाथी : शनि के वाहन हाथी का प्रवेश भी अशुभ माना जाता है | यह सोचे के विपरीत परिणाम की प्राप्ति करवाता है | जातक को संयम और हिम्मत से काम लेना चाहिए |

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