कैसे धारण करें रुद्राक्ष , जाने इससे पहनने की विधि

रुद्राक्ष को धारण करने की विधि और नियम

धार्मिक पुराणों में रुद्राक्ष की उत्पति की कथा में बताया गया है की यह पेड़ शिव शंकर के नेत्र के आंसू से उत्पन्न हुए है | शिव भक्तो में यह और इसकी माला से मंत्र जाप और इसे धारण करना अति मंगलकारी माना जाता है |शास्त्रों में  रुद्राक्ष के प्रकार कई प्रकार और मिलने वाला लाभ के बारे में विस्तार से बताया गया है | पर यदि आप इसे धारण करना चाहते है तो कुछ बातो और नियमो का आपको अच्छे से ध्यान रखना पड़ेगा |


rudraksh dharan karne ke niyam

पढ़े : पूजा आराधना और मंत्र से जुडी मुख्य पोस्ट

शुभ और शिव कृपा वाले दिन करे धारण

यदि आप रुद्राक्ष को शरीर पर धारण करना चाहते है तो इसके लिए आप कोई शिव पूजा वाला दिवस चुने | आप  श्रावन (सावन ) मास का कोई सोमवार , पूर्णिमा या शिवरात्रि का दिन चुन सकते है | ये दिन शिव पूजा के अत्यंत शुभ दिवस माने जाते है | यहा ध्यान रखे की रुद्राक्ष असली हो पहचान के बाद ही उसे धारण करे | खंडित , गलत और कीड़े लगे रुद्राक्ष को धारण नही करे |


जप माला को ना धारण करे

जिस रुद्राक्ष की माला को आपने कभी मंत्र जप के लिए काम में लिया है उसे कभी भी भूल से धारण नही करे | आप नयी माला या रुद्राक्ष खरीद कर उसे पहन सकते है |

धारण कैसे करे रुद्राक्ष पूजन के बाद

सबसे पहले कांसे के दो पात्रो में पंचामृत और पंचगव्य बना ले | और उसमे गुलाब के पुष्प के पत्ते डाल दे | अब बारी बारी से रुदाक्ष या उसकी माला को दोनों में स्नान कराये और उस समय भगवान शिव के मंत्र का जप करे | यह शिव पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय हो तो बहुत अच्छा होगा |

इसके बाद फिर से इसे गंगा जल से स्नान कराये और फिर एक साफ़ लाल कपडे की चोकी पर इसे रखे |और  चंदन, बिल्वपत्र, लालपुष्प, धूप, दीप द्वारा रुदाक्ष की  पूजा करके अभिमंत्रित करे | इसके लिए शिव गायत्री मंत्र का जप करे |

ॐ तत्पुरुषाय विदमहे महादेवाय धीमहि तन्नो रूद्र: प्रचोदयात |

यह मंत्र आप 11 बार जपे  | अब इस रुद्राक्ष को किसी शिवलिंग पर स्पर्श कराकर शिवजी से विनती करे की वो अपनी कृपा इसके माध्यम से हमेशा आप पर रखे और फिर इसे धारण करे |

रुद्राक्ष धारण करने के बाद कुछ नियम

  • रुद्राक्ष धारणकर्ता को तामसिक भोजन और मदपान से दूर रहना चाहिए |
  • रुद्राक्ष की पवित्रता का हमेशा ध्यान रखे |
  • रुद्राक्ष को कभी भी नाभि के निचे तक ना पहने |
  • रुद्राक्ष स्वर्ण या रजत धातु में धारण करें। इन धातुओं के अभाव में इसे ऊनी या रेशमी धागे में भी धारण कर सकते हैं। अधिकतर रुद्राक्ष यद्यपि लाल धागे में धारण किए जाते हैं, किंतु एक मुखी रुद्राक्ष सफेद धागे, सात मुखी काले धागे और ग्यारह, बारह, तेरह मुखी तथा गौरी-शंकर रुद्राक्ष पीले धागे में भी धारण करने का विधान है।
  • रुद्राक्ष पहन कर श्मद्गाान या किसी अंत्येष्टि-कर्म में अथवा प्रसूति-गृह में न जाएं। स्त्रियां मासिक धर्म के समय रुद्राक्ष धारण न करें। रुद्राक्ष धारण कर रात्रि शयन न करें |

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