सोने के गहने के इन नियमो का रखे ध्यान – चमक उठेगी किस्मत

सोना बहुमूल्य धातुओ में से एक है और मुख्यत महंगे आभूषणों के रूप में पहना जाता है | ज्योतिष विज्ञान के अनुसार हर धातु किसी ना किसी ग्रह के प्रभावों से जुडी रहती है और अच्छे और बुरे फल का निर्धारण करती है | सोना धारण करना भी ग्रहो के प्रभाव को प्रभावित करता है | इसलिए ध्यान रखे की सोना पहनने से आपको लाभ ही हो , नुकसान नही | धार्मिक और वैभव रूप से तो सोना अपना महत्व रखता ही है पर इसके अलावा सोने के गहने पहनना शरीर के तापमान को भी प्रभावित करता है | तभी एक नियम यह भी है की सोने को कभी भी पैरो में नही पहनना चाहिए | सोना कभी भी रूचि के हिसाब से नही बल्कि जरुरत और लाभ के लिए पहनना चाहिए |


सोने के गहने से जुड़े नियम

पढ़े : खड़ाऊ पहनने के फायदे और महत्व

पढ़े : ज्योतिषशास्त्र से सम्बंधित लेख और बाते

सोने के गहने के नियम जो बदल देंगे भाग्य

संतान प्राप्ति यदि संतान नहीं हो रही है तो अनामिका अंगुली में सोना धारण करना चाहिए। यह संतान प्राप्ति के योग बनाना शुरू कर देता है |


एकाग्रता: यदि आप चंचल मन को एकाग्रचित करना चाहते है तो सोने की अंगूठी तर्जनी में पहने |

सुखी वैवाहिक जीवन : यदि शादी शुदा जोड़े को अच्छे पर प्रेम से वैवाहिक जीवन व्यतीत करना है तो दोनों को अपने गले में सोने की चैन पहननी चाहिए | यह आपसी प्रेम और विश्वास को बढाता है |

बीमारी में : सर्दी जुकाम या साँस की बीमारी हो तो रिंग फिंगर में सोना पहने से लाभ मिलने लगता है |

इनके लिए है नुकसान दायक सोना धारण करना

जिन व्यक्तियों को गुस्सा अत्यंत आता है , उन्हें सोने धारण नही करना चाहिए | यह शरीर में गर्मी बढ़ाने वाला धातु है |

जो व्यक्ति पेट से मोटे है उन्हें भी सोने को पहनने से बचना चाहिए |

कभी भी पैरो में और कमर पर सोने के गहने नही पहनने चाहिए | कमर में सोना पहनने से यह पाचन तंत्र को प्रभावित करता है | साथ ही महिलायों में यह कमर पर धारण सोना गर्भाशय, यूट्रस को नुकसान पहुंचाता है |

सोना देवगुरु बृहस्पति ग्रह की पवित्र धातु है इसलिए मांस और मदिरा सेवन करने वालो को  इसे नही पहनना चाहिए |

तिजोरी में कैसे रखे

यदि आप सोने को तिजोरी में रखते है तो समृधि बढ़ाने के लिए उसे लाल कपड़े में लिपटाकर रखे | इससे बृहस्पति ग्रह के साथ मंगल ग्रह के अच्छे परिणाम जुड़े जाते है |

Other Similar Posts

उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर में होती है मंगल दोष दूर करने की पूजा

अपनी राशि के अनुसार किस मंत्र का जाप करना चाहिए

जन्म तिथि से जाने व्यक्ति का स्वभाव और भविष्य

मकर संक्रांति पर राशि अनुसार क्या करे दान

शनि की साढ़े साती या ढैय्या के उपाय

नवग्रह शांति  मंत्र

 

 

 

 

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.