नहाने के समय करे ये 5 उपाय और बोले ये मंत्र , मिलेगी दिव्य शक्तियां

नहाते समय किये जाने वाले उपाय और मंत्र

Nahate Samay Bole Jane Wale Mantra Or Upay व्यक्ति का शरीर पंच तत्वों (वायु, अग्नि, पृथ्वी, जल और आकाश) से बना हुआ है। इसमे से व्यक्ति के शरीर का 60-70 प्रतिशत भाग जल से ही बना हुआ है | जल के बिना संभव नही है अत: जल भी देवता के रूप में पूजे जाते है |


हिन्दू शास्त्रों के अनुसार जल के स्वामी वरुणदेव है जो भगवान विष्णु के चरणों से प्रकट हुए है | किसी भी पूजा या अनुष्टान में जल से भरे कलश या लोटे को जरुर काम में लिया जाता है |

नहाते समय मंत्र

1. जल के देवता वरुण देव को बताया गया है | नहाने से पहले उनके मंत्र का 5 बार जप किया जाये तो जल चमत्कारी रूप से शरीर पर अपना प्रभाव डालता है | इस मंत्र के जप से जल दिव्य हो जाता है और शरीर को निरोगी रखता है |

वरुण मंत्र – ऊं ह्रों वरुण देवताय नम:

2.  आप नहाने के समय निचे दिए उक्त मंत्र बोले तो आपको तीर्थ स्नान के समान पूण्य की प्राप्ति होगी | इस मंत्र के प्रभाव से साधारण जल भी पवित्र नदियों के जल की भांति दिव्य हो जाता है |

मंत्र है – गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।।


nahate samay upay

2. शनि से जुड़ा दोष दूर करने के लिए तांबे के लोटे में पानी के साथ कुछ बूंदें सरसों के तेल की और थोड़े नीले फूल मिला लें। अब इसे पीपल के पेड़ पर चढ़ा दें। इस उपाय से भी शनि का दोष दूर हो सकता है और परेशानियां कम हो सकती हैं।

3. नहाने के पानी में अपनी अनामिका (Ring Finger ) से त्रिभुज बनाये और उसमे ‘ ह्रीं ‘  लिखे और फिर इस जल स्नान करे | ऐसा रोज करने से दैविक शक्तियां आपके शरीर में प्रवेश करने लगेगी |

4. शिवलिंग पर दूध जल से अभिषेक करे और फिर जलधारी से कुछ जल हथेली में लेकर अपने  शरीर पर छिड़कने से राहु-केतु से जुड़े दोष दूर होते हैं।

5. रोज सुबह नहाने के बाद  भगवान सूर्य को जल मंत्र बोलते हुए चढ़ाने से समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढती है | सूर्य कृपा से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है |

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