तिरुपति बालाजी (तिरुमाला ) रथ यात्रा का महत्व

भारत के सबसे धनि मंदिरों में से सबसे ऊपर तिरुपति बालाजी मंदिर का नाम आता है जो तिरुमाला पर्वतो के बीच में है | यहा भगवान विष्णु के वेंकटेश्वर रूप की पूजा अर्चना विधि विधान से की जाती है | रथयात्रा के समय लाखो श्रद्धालु इसमें शामिल होते है और रथ को खीचते है |

भगवान वेंकटेश्वर , श्री लक्ष्मी एवं श्री पद्मावती की प्रतिमाओ को सुन्दर कपड़ो और आभूषणों से सजाया जाता है | फिर पंडितो द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस स्वर्ण रथ को भक्तगण खीचते है |

Tirupati Balaji Tirumala Rath Yatra -GOLDEN CHARIOT

तिरुपति बालाजी रथ यात्रा

कब होती है रथयात्रा

अब आपको बता दे कि तिरुपति बालाजी (तिरुमाला ) की रथ यात्रा  वैकुंठ एकादशी के दिन शुरू की जाती है | यहा की मान्यता है कि जो भक्त वैकुंठ एकादशी के दिन इस दिन रथ यात्रा में शामिल होते है , उन्हें मृत्यु बाद वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है |

तिरुपति बालाजी रथ यात्रा

साल 2020 की वैकुंठ एकादशी पर शामिल हुए 1.5 लाख लोग

इस साल 2020 में वैकुंठ एकादशी के शुभ अवसर पर सोमवार के दिन करीब 1.5 लाख भक्त इस रथयात्रा में शामिल हुए | यह रथसुबह  9 बजे से लेकर 11 बजे तक भ्रमण पर निकला |

Other Similar Posts 

तिरुपति बालाजी मंदिर के चमत्कारी रहस्य जानकार चौंक जायेंगे आप

सबसे अमीर हो कर भी गरीब है तिरुपति बालाजी

तिरुपति में केश (बालो) का दान करने के पीछे क्या महत्व है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.