सोमवती अमावस्या पर शनि जयंती व वट सावित्री एक साथ से बना सर्वार्थ सिद्धि योग

Somvati Amwasya 2019 on Shani Jayanti

इस साल जयेष्ट मास में आने वाली अमावस्या अपने आप में खास है | शिवजी और और उनके शिष्य शनिदेव की पूजा का ऐसा दिन जिसमे सोमवती अमावस्या और शनि जन्मोत्सव दोनों है | इसी दिन वट सावित्री व्रत भी महिलाये अपने सुहाग की लम्बी उम्र और सुखद कामना के लिए रखती है |

सोमवती अमावस्या शनि जयंती पर

सर्वार्थ सिद्धी एवं अमृत सिद्धी इसी दिन

3 जून को सोमवार के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत सिद्धि का अनोखा संगम हो रहा है जो अत्यंत दुर्लभ रहता है | इस दिन किये जाने वाले अच्छे कामो का फल अक्षत पुन्य देने वाला होता है | इस दिन पितरो के नाम से किये जाने वाला दान पुण्य पितृ दोष को दूर करता है और उनकी कृपा पुरे परिवार पर लाने में सहायक होता है |

कब से कब तक है सर्वार्थ सिद्धि योग

सभी कार्यो को अच्छे से संपन्न करने के लिए जो समय सबसे उत्तम है वह है सर्वार्थ सिद्धि योग | इसमे किये गये कार्य जैसे जमीन खरीदना , बेचना , नए कार्य शुरू करना , नए वाहन , इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेना आदि अत्यंत शुभ रहते है | यह योग सोमवार को सुबह 05.46 बजे से लेकर मंगलवार को सवेरे 05.46 बजे तक रहेगा |

सोमवती अमावस्या पर तीर्थ स्नान और पीपल की पूजा

पीपल की पूजा से शनि प्रसन्न

सोमवती अमावस्या पर पवित्र नदियों या तीर्थो पर स्नान करना चाहिए और अपनी अवस्था अनुसार जरुरतमंदो को दान करे | शनिदेव का वास पीपल में बताया गया है अत: शनि जयंती पर भगवान शनिदेव की पूजा अर्चना पीपल के रूप में करे और शनि मंत्र जप के साथ 11 परिक्रमा करे और सरसों के तेल का दीपक पीपल की जड़ो में जलाये |

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