शिव को क्यों पसंद है प्रदोष

भगवान शिव की पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाओ की पूर्ति हो जाती है | जिस भक्त पर शिव शंकर की कृपा हो उसे कुछ मांगने की जरूरत ही नही होती , बिन मांगे ही बाबा भोलेनाथ उसे सब कुछ दे देते है | यही कारण है की इन्हे आशुतोष भी कहा जाता है | भगवान शिव के पूजा के मुख्य दिनों में महाशिवरात्रि ,  सावन का सोमवार , प्रदोष और सप्ताह के सोमवार शामिल है |

शिव प्रदोष व्रत

अब हम जानते है की प्रदोष भगवान शिव को क्यों प्रिय है  ?

हमारे पौराणिक शास्त्रों  में से एक शिव महापुराण में प्रदोष की भारी महिमा का गुणगान किया गया है | यह शिव भक्ति और उन्हें प्रसन्न करने का अत्यंत पावन दिन है | इस दिन शिवजी का व्रत रखे और संध्या को विधि पूर्वक शिवजी की पूजा करनी चाहिए |

प्रदोष के दिन प्रसन्न होकर नृत्य करते है शिव शंकर

इस दिन भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होकर अपने निवास कैलाश पर्वत पर नृत्य करते है | इस समय जो भक्त उनकी पूजा करते है , उन पर भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न होते है | इसी कारण प्रदोष के दिन शिव पूजा की महिमा बताई गयी है |

कब आती है शिव को प्रिय प्रदोष

प्रदोष हर माह त्रयोदशी को आती है जो की बारस के बाद वाला दिन होता है |

प्रदोष व्रत से होने वाले लाभ :

जो व्यक्ति प्रदोष के दिन मन लगाकर शिव जी के लिए व्रत और शिव भक्ति करते है उनकी सभी मनोकामना भोलेनाथ पूर्ण करते है | उनकी गरीबी दुःख कर्ज जैसी सब परेशानियां दूर होती है |

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