रूप चौदस पर इन उपायों से उभरेगा आपका रूप – नरक चतुर्दशी विशेष

नरक चतुर्दशी पर ऐसे पाये सुन्दरता

Narak Chaturdashi Par Sundarta Paane Ke Upay In Hindi

कार्तिक मास में कृष्णपक्ष की चतुदर्शी को रूप चौदस या नरक चतुर्दशी कहते हैं।  इस पर्व के दुसरे नाम  छोटी दिवाली या काली चौदस भी  है। इस दिन की पूजा और स्नान नरक की पीडाओ से मुक्ति और काया को सौन्दर्य प्रदान करती है | यहा सुन्दरता आंतरिक और बाहरी दोनों तरफ की बताई गयी है |

पढ़े :- धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा क्यों है

पढ़े :- दीपावली पर लक्ष्मी गणेश पूजा विधि के बारे में जाने

रूप चौदस पर सुन्दरता पाने के उपाय

कब और कैसे करे इस दिन स्नान

रुप चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करने का विधान है । स्नान से पहले उबटन के रूप में तिल के तेल से शरीर पर मसाज कर ले | फिर पवित्र और शुद्ध जल में अपामार्ग ( चिचड़ी ) पौधे की पत्तियाँ डाल कर स्नान करे | कहते है ऐसा करने से पापो का नाश होता है और यमराज प्रसन्न होते है | इसके बाद सौन्दर्य के देव श्री कृष्ण राधे  के मंदिर जाकर उनके दर्शन करने चाहिए  |

यमराज के लिए जलाये एक दक्षिण दिशा में चौमुखा दीपक

नरक चतुर्दशी के दिन मृत्यु के देवता यमराज के नाम से एक दीपक संध्या को दक्षिण दिशा में जलाकर अपने पापो के लिए क्षमा याचना करनी चाहिए | यमराज के लिए निम्न मंत्र बोले :

yamraj ke liye deepak

यं यमराजाय नमः॥

एक कथा के अनुसार एक बार एक राजा ने अपने पापो के क्षमन के लिए यमदूतो से मार्ग पूछा | तब यमदूतो ने उन्हें कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व तिल का तेल लगाकर स्नान करने और यमराज के लिए  व्रत करने की बात कही | तब से इस तरह स्नान और व्रत करने की रीति नरक चतुर्दशी के दिन बन गयी |

Other Similar Posts

दीपावली 2018 – शुभ मुहूर्त लक्ष्मी गणेश पूजन

दीपावली शुभकामना सन्देश , मेसेज, शायरी और बधाईयां

दीपावली पर अचूक उपाय और टोटके

महालक्ष्मी जी का एक ऐसा मंदिर, जहां प्रसाद के रूप में मिलते हैं सोने चांदी

भैया दूज की कहानी और कथा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.