पोंगल त्योहार क्या है और इसे कैसे मनाते है

दक्षिण भारत में  तमिलनाडु, केरल और आंध्रप्रदेश का प्रसिद्ध त्योहार पोंगल है जिसका अर्थ है उबालना | इसका अन्य नाम है नया साल | इस दिन उबले चावल के साथ गुड़ का भोग सूर्य देवता को लगाया जाता है |  यह भी लोहड़ी की  तरह प्रकृति को समर्पित फसलों की कटाई के बाद बनाया जाने वाला पर्व है | यह मुख्य रूप से फसल की कटाई और किसानो से जुड़ा पर्व है | उत्तर भारत में इस समय मकर संक्रांति का पर्व का महत्व है |

पोंगल पर्व का महत्व

पोंगल 2019 कब है

साल 2019 में पोंगल चार दिवसीय पर्व के रूप में 15 January से 18 January तक मनाया जायेगा |

चार दिन मनाते है पोंगल

चार तरह के पोंगल क्रमशः इस प्रकार है -भोगी पोंगल (इंद्र ) ,सूर्य पोंगल ,मट्टू पोंगल (नंदी ) और कन्या पोंगल।

पहले दिन भोगी पोंगल में वर्षा के देवता इन्द्रदेव की पूजा की जाती है। अच्छी वर्षा और फसल के लिए सबसे पहले इनकी याद में पहला दिन पोंगल का बनाया जाता है |

pongal festival celebration

दूसरा पोंगल सूर्य देवता को समर्पित होता है | इसमे मुख्य नए धान का सूर्य को भोग लगाने की प्रथा है | नए बर्तन में मुंग , नया धान , चावल रखा जाता है फिर उसमे गुड़ डालकर सूर्य देवता को भोग लगाया जाता है |

तीसरा पोंगल मट्टू यानि शिव वाहन नंदी की पूजा का पर्व है | फसलो की अच्छी पैदावार के लिए बैल भी किसान का सबसे बड़ा साथी है | अत: इस दिन शिव और उनके नंदी बैल की पूजा की जाती है |

चौथा पोंगल कन्या नाम से है जिसमे सिर्फ महिलाये ही भाग लेती है | इस दिन काली मंदिर में पूजा आराधना कर यह पर्व मनाया जाता है |

Other Similar Posts

मंगलवार शाम यहां बांधे काला धागा, बढ़ेगी दौलत, कटेगा संकट

पौष बड़े का महत्व

मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व और व्रत विधि

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार छींक आना होता है शुभ और अशुभ, जानिए

सूर्य ग्रहण में ध्यान रखे ये बाते , नही तो होगा भारी नुकसान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.