मकर संक्रांति का महत्व

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश मकर संक्रान्ति रुप में जाना जाता है। भारत में अलग अलग भागो में इसे अलग अलग नाम से पुकारा जाता है | गुजरात में ‘उत्तरायण’ , पंजाब और हरियाणा में लोहडी पर्व ,उतराखंड में उतरायणी और केरल में पोंगल |

makr sankranti mahatav

मकर संक्रांति की महिमा

  1. इसी दिन चमत्कारी माँ गंगा नदी का धरती पर अवतरण हुआ था |
  2. महाभारत काल में भीष्म पितामह ने मकर संक्रांति के दिन ही देह त्याग किया था |
  3. श्रीकृष्ण ने गीता में बताया है की संक्रांति से लगने वाले सूर्य के उत्तरायण में देह त्याग करने को मोक्ष की प्राप्ति होती है |
  4. उत्तरायण के 6 माह में सूर्य की किरणे शांति और स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होती है |
  5. उत्तरायण के समय को देवी देवताओ का दिन बताया गया है जब दक्षिणायन को उनकी रात |
  6. भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेला गंगा सागर तीर्थ पर भरता है जिसमे 10 से 20 लाख तक भक्त स्नान करने आते है |

 

 

सूर्य की पूजा और तीर्थ स्नान की महिमा :

इस दिन गंगा सागर , काशी (वाराणसी ) , त्रिवेणी संगम,  हरिद्वार , पुष्कर , उज्जैन की शिप्रालोहार्गल आदि तीर्थ स्थलों पर भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान करते है और भगवान सूर्य को जल से अर्ध्य देते है |

मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा क्यों

हिन्दू वर्ष को दो भागो में विभाजित किया गया है | एक उत्तरायण और दक्षिणायन | मकर संक्राति के दिन सूर्य अपनी दिशा बदलकर उत्तर की तरफ झुक जाता है | अर्थात् उत्तरायण इसी दिन से लग जाता है | यही कारण है की इस दिन पञ्च देवताओ में से एक भगवान सूर्य की महिमा में पूजा की जाती है |मकर संक्रांति महिमा

दान का पावन दिन

इस दिन को दान देने के लिए सबसे अच्छे दिनों में से एक माना जाता है | हर व्यक्ति को अपनी स्थिति के अनुसार अन्न , वस्त्र , धातु दान गरीबो को करना चाहिए | इस दिन किया गया दान कई गुणा अधिक फल और पुण्य देने वाला माना गया है | इन चीजो का कभी भी दान नही करे | जबकि इन चीजो का दान करना अति शुभ बताया गया है |

तिल के लड्डू का महत्व :

मकर संक्रांति सर्दी के दिनों में आती है जब शरीर को आंतरिक रूप से गर्माहट की जरुरत होती है | तिल और गुड़ के बने लड्डू शरीर को गर्म करते है और सर्दी से बचाव में सहायक है |

तिल का दान :

मकर राशि के स्वामी शनि है और इस दिन सूर्य मकर राशी में प्रवेश करते है | हम जानते है शनिदेव सूर्य के शत्रु भाव रखते है अत: शनि को शांत करने के लिए तिल का दान किया जाता है |

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