धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का क्या महत्व है ?

Why we buy broom on Dhanteras ? What secrets behind it .

धनतेरस के दिन हिन्दू धर्म में ज्यादातर लोग नयी झाड़ू खरीदकर घर पर लाते है | धनतेरस के दिन शुभ चीजो की खरीददारी में झाड़ू का भी अपना महत्व है | आखिर इसके पीछे कौनसा धार्मिक कारण है ? क्यों धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परम्परा बनी | इन सभी सवालों के जवाब के लिए पढ़िए यह पोस्ट |

धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते है

हिन्दू धर्म में झाड़ू का महत्व

हमारे हिन्दुत्व में झाड़ू को माँ लक्ष्मी का रूप माना जाता है | वास्तु शास्त्र में भी झाड़ू से जुड़े कई नियम बताये गये जिनका पालन करने से माँ लक्ष्मी आपके घर पर प्रसन्न रहती है | झाड़ू या झाड़ गंदगी को दूर कर सफाई लाती है जो माँ लक्ष्मी को अति प्रिय है |

झाड़ू खरीदने की प्रथा धनतेरस पर

मत्स्य पुराण के अनुसार स्वच्छता का प्रतीक झाड़ू माँ लक्ष्मी का ही रूप है | लोक मान्यताओ के अनुसार जो व्यक्ति धनतेरस के दिन झाड़ू या झाड़ खरीदता है , उसके घर में निर्धनता दूर होती है और सुख समृधि में वृधि होती है | साथ ही इस दिन की गयी झाड़ू की खरीदारी से उसके घर में साफ़ सफाई में इजाफा होता है और महा लक्ष्मी दीपावली के दिन उसके घर की तरफ खिंची चली आती है | घर में बस रही नकारात्मक शक्तिया दूर होती है |

घर पर लाने के बाद पूजन करे नयी झाड़ू का

बहुत कम लोगो को पता है कि धनतेरस पर खरीदी गयी झाड़ू का सबसे पहले क्या करना चाहिए | तो उनके संदेह को दूर करने के लिए जरुर जाने |

धनतेरस के दिन नयी झाड़ू घर पर लाये तो पहले उसे अपने घर के मंदिर में ले जाये | फिर उसे माँ लक्ष्मी स्वरूपा मानकर रोली तिलक करे और उस पर अक्षत चढ़ाये | जिस स्थान से आप झाड़ू पकड़ते है उस जगह मोली के 7 राउंड लगाये और उसे माथे पर लगाकर माँ लक्ष्मी से विनती करे कि इस घर पर हमेशा वो अपनी कृपा बनाये रखे | फिर आप सबसे पहले अपने घर के मंदिर की सफाई इस नयी झाड़ू से करे |

मंदिर में दान के लिए भी खरीदे नयी झाड़ू

माँ लक्ष्मी की कृपा अधिक से अधिक मिले , इसके लिए अपने आस पास के मंदिरों में भी झाड़ू का दान करे |

इस तरह आपने जाना कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के पीछे क्या कारण है और कैसे यह परम्परा बन चुकी है |

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