भैरव अष्टमी पर हुआ भैरव का जन्म

भगवान शिव के सभी अवतारों में भगवान भैरव  को सबसे अधिक जाग्रत देवता के रूप में जाना जाता है | यह पापियों के लिए शनिदेव की तरह दंडनायक की भूमिका निभाते है | इन्हे तंत्र शास्त्र का देवता माना जाता है | बहुत सारे तांत्रिक भैरव के भक्त होते है | उज्जैन में काल भैरव मंदिर  है तो काशी में यह कोतवाल कहलाते  है |   रात्रि के महाशक्तिशाली देवता का जन्म अष्टमी के दिन हुआ था |

काल भैरव जयन्ती

कब आती है भैरव अष्टमी या भैरव जयंती ?

महाकाल भैरव जन्म धार्मिक पुराणों के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था | ब्रह्मा के घमण्ड को चूर करने और शिव के लिए अपशब्द बोलने के कारण भगवान  शिव के क्रोध से भैरव का अवतरण हुआ |

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कैसे करे भैरव जयंती पर पूजा

भगवान भैरव का जन्मोतास्व उत्साह और उमंग के साथ मनाये |

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2017 में कब आएगी काल भैरव अष्टमी

इस साल 2017 में भगवान महाकाल काल भैरव की जयन्ती 11 November 2017 को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को बड़ी धूम धाम से मनाया जायेगा |

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