कार्तिक पूर्णिमा के स्नान का महत्व

कार्तिक स्नान का महत्व और पूण्य

Kartik Poornima Snan Ka Mahatv



आप सभी जानते है भारत की पवित्र धार्मिक नदियों में स्नान का हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्व बताया गया है | पर सबसे ज्यादा महत्व का दिन कार्तिक महीने के पूर्णिमा को माना जाता है | माना जाता है की इस दिन स्नान करने से एक हजार बार किये गए गंगा स्नान का फल प्राप्त होता है |

इस दिन वाराणसी काशी में देव दिवाली त्योहार धूम धाम से मनाया जाता है | मान्यता है कि इस दिन गंगा घाट पर देवता मनुष्यों के साथ दिवाली मनाने आते है |

kartik snan mahtav
साथ में यह भी मान्यता है कुम्भ में किये गये स्नान का जितना महत्त्व है उतना ही कार्तिक माह की पूर्णिमा को स्नान के बाद फल प्राप्त होता है |

पढ़े : मणिकर्णिका घाट का सबसे पवित्र स्नान कब है

2019 में कार्तिक पूर्णिमा कब है

कार्तिक पूर्णिमा का पवित्र स्नान इस साल 2019 में 12 नवम्बर को है | पूर्णिमा तिथि 11 नवम्बर को 6 बजकर 2 मिनट से आरंभ होगी जो 12 नवम्बर को शाम 7 बजकर 4 मिनट तक रहेगी |



सूर्योदय पूर्व करे स्नान :

यदि आप अधिक से अधिक स्नान द्वारा पुण्य कमाना चाहते है तो स्नान आप सूर्य उदय से पूर्व करे | पवित्र नदियों में स्नान से पूर्व अपने हाथ पैर पहले धो ले फिर आचमन करे और फिर स्नान के समय हाथ में कुशा लेकर स्नान करे |

स्नान करते समय आधा शरीर जल में रहे और भगवान शिव विष्णु का ध्यान करते रहे |

पीपल को जल दे और दीप जलाये

लक्ष्मी जी और त्रिदेवो का वास पीपल के पेड़ में बताया गया है | इस दिन स्नान के बाद पीपल के वृक्ष की पूजा करे और  जल चढ़ाये और संध्या को दीपदान करे | इससे धन लक्ष्मी प्रसन्न होती है और सुख सम्पति प्रदान करती है |

घर में कैसे करे कार्तिक पूर्णिमा का स्नान

यदि आप पवित्र नदियों पर नही जा सकते तो आप घर में भी इस स्नान का कुछ लाभ ले सकते है | आप नहाने के पानी में पवित्र जल गंगा का मिला कर स्नान कर ले | इसके बाद भगवान सूर्य को जल  से अर्घ्य जरुर दे |

कार्तिक पूर्णिमा स्नान

पवित्र स्नान के बाद और क्या अच्छे कर्म करे :

कार्तिक पूर्णिमा के गंगा स्नान के बाद आप फिर भगवान की भक्ति , गरीबो को दान दक्षिणा , हवन, यज्ञ आदि करके पुण्य कमा सकते है | दान में आप अन्न दान , वस्त्र दान और अर्थ दान दे सकते है | इस दिन दिया गया दान आपके बुरे समय में काम आता है |
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