अक्षय तृतीया पर्व का महत्व

अक्षय तृतीया जिसे आखा तीज भी कहा जाता है , बैसाख मास की शुक्ल तृतीया को आती है | यह तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो की मानी जाती है और इस दिन कोई भी कार्य करे वे सिद्ध होते है | ज्योतिष शास्त्र में बिना पंचांग के इस दिन के सभी मुहूर्त मंगलकारी होते है |  इस दिन किये गये अच्छे धार्मिक  कार्य  का फल अक्षय होता है | अक्षय पुण्य का मतलब ऐसा पुण्य जो कभी नष्ट नही होता हो |
अक्षय तृतीया की महिमा

भगवान परशुराम का हुआ इसी दिन अवतार :

अक्षय तृतीया के पावन दिन ही विष्णु भगवान के अंश अवतार परशुराम जी का अवतार हुआ है जिन्हें अष्ट चिरंजीवी में से एक माना जाता है | इसी शुभ दिन पर नर नारायण के भी अवतार हुए थे |
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मंदिरों में भी है इस दिन का विशेष महत्व :

भगवान विष्णु के मुख्य मंदिरों में से एक और चार धाम यात्रा में शामिल बद्रीनाथ मंदिर के द्वार भी अक्षय तृतीया के दिन ही खोले जाते है | वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर में कृष्ण के चरण दर्शन इसी दिन किये जाते है |
अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया 2018 (Akshaya Tritiya )

साल में अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती 07 मई को आ रही है |

क्या क्या खरीदे अक्षय तृतीया के दिन :

इस दिन आप सोना चांदी और कीमती चीजे खरीदे जो अखंड सौभाग्य का प्रतीक होता है | इस दिन नया कार्य शुरू करना या किसी कार्य में पैसे लगाना शुभ फलदायी है | आपको उसमे लाभ ही होगा |

भविष्य पुराण के अनुसार इसी दिन से युग भी शुरू हुए थे :

भविष्य पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन से ही सतयुग और त्रेतायुग शुरू हुए थे |

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