खाटू श्याम की निशान यात्रा क्या होती है और जाने इसका महत्व

What is Nishan Yatra During Falgun Mela of Khatu Shyam ji . Know Importance about it .

निशान यात्रा (Flag Journey Pedestrian) जो मुख्यत श्री श्याम बाबा से जुडी हुई है | निशान अर्थात झंडा | यहा निशान विजय और त्याग का प्रतीक है | श्याम बाबा के भक्त बाबा श्याम को यह निशान (ध्वजा ) चढाते है और उनके जयकारो से उन्हें रिझाते है | कुरूक्षेत्र की युद्ध भूमि में उन्होंने श्री कृष्ण को अपना शीश दान धर्म की विजय के लिए दे दिया था | इसी याद में भक्त श्याम बाबा को निशान अर्पित करते है |

पढ़े : – क्यों खाटू श्याम जी है अपने भक्तो में इतने प्रसिद्ध

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क्या होती है निशान यात्रा

श्याम निशान क्या होता है

निशान यात्रा का अर्थ है हाथो में निशान लेकर बाबा श्याम के मंदिर तक की पद यात्रा करना | ज्यादातर भक्त रींगस कस्बे से खाटू धाम की यह यात्रा करते है | यह यात्रा मार्ग लगभग 18 km का है जिसमे लगभग 5-6 घंटे लगते है | इस यात्रा के दोरान भक्त नाचते कूदते बाबा की मस्ती और जयकारो के साथ यात्रा सम्पन्न करते है | खाटू श्याम जी के निशान चढ़ाकर बाबा से मंगल विनती करते है | बहुत से भक्त जयपुर या अपने अपने शहरो से भी पद निशान यात्रा करते है |

निशान की की जाती है पूजा

निशान पूजा श्याम बाबा की

श्याम बाबा को अर्पित करने वाले निशान की पहले पूजा अर्चना विधि विधान से की जाती है | बाब श्याम की आरती करके निशान यात्रा शुरू करते है | यात्रा के दोरान निशान के सम्मान और शुधि का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए |

कैसा होता है निशान ?

निशान छोटे से बड़े मुख्यत केसरी नीला , सफ़ेद ,लाल रंग का झंडा होता है | इन निशानों पर श्याम बाबा और कृष्ण भगवान के जयकारे और दर्शन के फोटो होते है | कुछ निशानों पर नारियल और मोरपंखी भी लगी होती है | इसपर सिरे पर एक रस्सी बंधी होती है जिससे यह निशान हवा में लहराता है | आजकल कई भक्त सोने चांदी के भी निशान श्याम बाबा को अर्पित करते है |

फाल्गुन मेले में चढ़ते है लाखो  निशान

खाटू श्याम जी निशान अर्पित करते भक्त

खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध खाटू के फाल्गुन मेले में 10 दिनों में लगभग 8 से 10 लाख निशान चढ़ते है | भारत का सबसे ज्यादा ध्वजा चढ़ने वाला श्याम मंदिर है |

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