उपवास और व्रत करने के फायदे

उपवास क्या है और उसका महत्व ? 

भोजन के बिना कुछ अवधि तक रहते हुए मानसिक और शारीरिक तप करना उपवास कहलाता है। उपवास कुछ घंटो का या पुरे दिन का हो सकता है | नवरात्रि के दिनों में भक्त पुरे नौ दिन का उपवास भी रखते है | इसका एक भाग है निर्जल उपवास जिसमे ना कुछ खाया और ना ही कुछ पीया जाता है |

उपवास रखने की परम्परा युगों युगों से चली आ रही है | हमारे ऋषि मुनि अपनी तपस्या के कई दिनों से लेकर सालो तक उपवास रखते थे | हमारे धार्मिक हिन्दू ग्रंथो में उपवास रखने और खोलने के नियमों का विस्तार से उल्लेख किया गया है | उपवास रखने से शारीरिक व् मानसिक रोग दूर होते हैं और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति होती है |

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उपवास करने से शरीर की रोगों से रक्षा होती है | चिकित्सा में भी उपवास को करना शरीर और सेहत के लिए फायदेमंद बताया गया है |

उपवास कैसे शुरू करें?

पहले एक  या दो दिन तक कम खाना खाना चाहिये. इसके बाद केवल फल आहार लेना चाहिये. ठोस फल खाने के बाद केवल रस का सेवन करना चाहिये और इसके बाद पूर्ण उपवास करना चाहिय. उपवास में आराम ज्यादा करना चाहिये. आराम के ये घंटे खुली साफ़ हवा या धुप में बिताने चाहियं. जो आदमी उपवास कर रहा है उसकी उपवास में पुरी तरह से श्रद्धा होनी चाहिये. उपवास करने से पहले उसे व्रत करने की पूर्ण जानकारी लेनी चाहिए |

उपवास कैसे तोडे?

जब उपवास का समय पूरा हो जाता है तो प्राकृतिक रूप से अपने आप पता चल जाता है की अब हमें उपवास तोड़ देना चाहिये. जीभ जब साफ़ दिखने लगे, सांस् में सुगंध आए, शरीर में ताजगी महसूस हो भूख अपने आप लौट आए तो हमें उपवास तोड़ देना चाहिये. उपवास जब पुरी तरह खत्म हो जाये तो हमें सबसे पहले रस का सेवन करना चाहिये. इसके बाद फलों का सेवन करना चाहिये फल आहार के बाद बिना नमक का सूप पीना चाहिये और इसके अगले दिन उबली सब्जी और फल एक साथ लेने चाहिये.इसके बाद कम नमक का भोजन करना चाहिये और इसके बाद साधारण भोजन लेना चाहिये.

उपवास रखने के फायदे ( लाभ )

1. श्वसन क्रिया अच्छे से होने लगती है | इससे फेफड़ों की सारी रूकावट ख़त्म हो जाती है और साँसों का बिना किसी अवरोध के आना जाना शुरू हो जाता है |

2 उपवास से दिल से जुडी बीमारियों में आराम मिलता है | व्रत करना ह्रदय के लिए अच्छा माना गया है | इससे कोलेस्ट्राल में कमी आती है |

3 उपवास के दौरान शरीर की  इन्द्रियाँ बहुत तेज़ी से और अच्छे से काम करने लगती हैं | मन में अजीब सी शांति और सहनशक्ति जन्म लेती है |

4 पेट की आंतों और मूत्राशय में गन्दगी से आई रूकावट कम हो जाती है |  पेट की आंतों की सफाई हो जाती है | उपवास करने से खून में शुद्धता आती है |

5 याददाश्त तेज हो जाती है , स्मरण शक्ति और आई क्यू लेवल बढ़ जाता है |

6 उपवास करने वाले को नयी ताजगी का अहसास होता है | शरीर का उत्सर्जन तंत्र पाचन तंत्र शरीर की अशुद्धियो को हटाकर अच्छे से कार्य करना शुरू कर देता है |

7 उपवास रखने वाले व्यक्ति को शरीर के लिए शक्ति पहले से संचित क्रमश: कार्बोहाइड्रेट , वासा और प्रोटीन से मिलती है |

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