पौष बड़े का महत्व

क्यों लगता है भगवान को पौष बड़े का भोग

पौष माह एक ऐसा माह है जब सामूहिक रूप से मंदिरों में पौष बड़ो को का आयोजन किया जाता है | भगवान की पूजा अर्चना और भोग लगाने के बाद इसे भक्तो में वितरित किया जाता है | सामूहिक रूप से चंदा एकत्रित कर के यह धार्मिक आयोजन क्रियान्वित किया जाता है |
पढ़े : जानिए पौष महीने का महत्व और इस माह पड़ने वाले व्रत और त्योहार

पौष मास अत्यधिक ठण्ड का मौसम है और दाल की पकोड़ी के साथ हलवा का प्रसाद इसे  आन्दित बनाता है | किसी मंदिर में पंगत प्रसादी तो कही दोना प्रसादी की व्यवस्था की जाती है | यह निर्भर करता है संग्रह किये गये चंदे और भोग प्राप्त करने वाले भक्तो की संख्या पर | यह आयोजन सामूहिक प्रेम का प्रतिक है |

पौष है ठंडा माह , भगवान का भी रखते है ध्यान

poush bade

पौष का महिना अत्यधिक ठण्ड का महिना है अत: मंदिरों में गर्म हलवे और दाल की पकोड़ी के साथ रेवड़ी , गजक आदि गर्मी लाने वाली चीजो का भोग लगाया जाता है | कही कही मंदिर में देवताओ को ठण्ड से बचाने के लिए अंगीठी भी जलाई जाती है | साथ ही देवताओ के वस्त्र उनी और गर्म भी तैयार करवाए जाते है जिससे उनके आराध्य को ठण्ड ना लगे |

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