पीले रंग का क्या है महत्व

अक्सर लोग शुभ कार्यों में पीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं | ज्योतिष में भी पीले रंग को खास महत्व दिया गया है. पीले रंग का संबंध गुरु बृहस्पति से भी माना गया है. यह सूर्य के चमकदार हिस्से वाला रंग है. यह मुख्य रंगों का हिस्सा है और यह रंग स्वभाव से गर्म और ऊर्जा पैदा करने वाला होता है. आइए जानते हैं पीले रंग का क्यों है इतना महत्व-

भगवान विष्णु से है सम्बन्ध

पील रंग का सम्बन्ध भगवान विष्णु से है | पीले वस्त्र को पीताम्बर भी कहते है | भगवान विष्णु पीले रंग के वस्त्र धारण करते है | इसी कारण सत्य नारायण के दिन गुरूवार को भक्तगण पीले वस्त्र पहनते है और पीले ही भोजन का सेवन करते है | मुख्य प्रसाद जैसे गुड , सीके हुए चने , केला और लड्डू पीले रंग के होते है |

पीले रंग का महत्व

पीला रंग वैराग्य  का भी प्रतीक है | जब पतझड़ में पत्ते झड़ते है तो हरे से पीले हो जाते है | अर्थात संसारिकता से दूर होने का संकेत देते है | यह अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है तो सबसे बड़ी उर्जा है | सूर्य की रोशनी पीले रंग की है जो समस्त संसार को जीवन देने वाली है |

चीन के वास्तु शास्त्र फेंगशुई में भी पीले रंग को  खुशहाली, सुख समृधि  सक्रियता, सामर्थ्य, हर्षोल्लास का प्रतीक बताया गया है |  

vishnu yellow color favorite

कैसे करे पीले रंग का प्रयोग और मिलने वाले लाभ

अध्ययन कक्ष और पूजा पाठ की जगह इस रंग का प्रयोग करने से एकाग्रता बढती है जिससे अच्छे परिणाम प्राप्त होते है |

– घर की बाहरी दीवारों पर भी पीले रंग का प्रयोग करने से यह नकारात्मकता को दूर ही रखता है |

– घर के अंदर पीले रंग के हल्के शेड का प्रयोग किया जा सकता है

मन में सात्विक और शुद्ध विचारो के लिए पीले रंग या हल्दी का तिलक लगाया जाता है |

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