महात्मा गौतम बुद्ध से जुड़ी वे बाते जो दिलाती है सफलता

महात्मा गौतम बुद्ध की जीवनी से जुडी बाते

क्या आप जानते है की नेपाल  में जन्मे और भारत के बिहार में दिव्य सत्य ज्ञान की प्राप्ति कर गौतम बुद्ध कैसे बन गये दुनिया के बड़े धर्मो में से एक बुद्ध धर्म के जनक | आज इस पोस्ट के माध्यम से हम भगवान बुद्ध की जीवनी के बारे में कुछ विशेष बाते आपको बताने जा रहे है |


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gautam buddh ki jeevani

1. महात्मा बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी नामक स्थान में 563 ई.पू. में हुआ था।

2. महात्मा बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था।

3. उनके पिता शुद्धोधन शाक्य राज्य कपिलवस्तु के शासक थे। माता का नाम महामाया था जो देवदह की राजकुमारी थी।

4. महात्मा बुद्ध के जन्म के सातवें दिन माता महामाया का देहान्त हो गया था, अतः उनका पालन-पोषण उनकी मौसी व विमाता महाप्रजापति गौतमी ने किया था।

5. सिद्धार्थ बचपन से ही एकान्तप्रिय, मननशील एवं दयावान प्रवृत्ति के थे।


6. इनका विवाह सिर्फ 16 साल की उम्र में हो गया था , उनकी पत्नी का नाम राजकुमारी यशोधरा के था |

7.इन्हे कुछ वर्षो बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई जिसका नाम राहुल रखा गया |

8.नए राजकुमार से आने से समस्त नगरवासी प्रसन्न थे पर बुद्ध ने कहा की वे एक बंधन में और बंध गये है |

9.एक रात्रि वे अपने परिवार और नगर को छोड़कर शांति की तलाश में गृह त्यागकर निकल गये |

10. सिद्धार्थ बिहार के गया नामक स्थान पर पहुँचे, वहां उन्होंने एक वट वृक्ष के नीचे समाधि लगायी और प्रतिज्ञा की कि जब तक ज्ञान प्राप्त नही होगा, वहां से नही हटेंगे।

boudh gaya buddh status

11. सम्पूर्ण सात दिन और रात अपनी घोर साधना में लीन रहने से उन्हें दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हुई जो बैशाख पूर्णिमा का दिन था । इस ज्ञान को लोगो तक पहुँचाने का उन्हें सत्य ज्ञान देने का उन्होंने सम्पूर्ण जीवन कार्य किया |

12. इस घटना को “सम्बोधि” कहा गया। वे सिद्धार्थ से “बुद्ध” बन गए। जिस वट वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था उसे “बोधि वृक्ष” तथा गया को “बोध गया” कहा जाता है।

13. ज्ञान प्राप्ति के पश्चात वे सारनाथ (बनारस के निकट)  गये और पाँच सन्यासी साथियों को उपदेश दिये। इन शिष्यों को “पंचवगीर्य” कहा गया।

14. बौद्ध धर्म के उपदेशों का संकलन ब्राह्मण शिष्यों ने त्रिपिटकों के अंर्तगत किया। ये तीन त्रिपिटक – विनय पिटक, सुत्त पिटक, अभिधम्म पिटक

15. महात्मा बुद्ध ने बौद्ध धर्म की स्थापना की जो विश्व के प्रमुख धर्मों में से एक है और चौथे स्थान पर है |

16. विश्व के प्रसिद्द धर्म सुधारकों एवं दार्शनिकों में अग्रणी महात्मा बुद्ध ने कई देशो में बुद्ध धर्म को पनपाया | उनके विचार समाज में सुधार और मानवता के लिए थे |

17. भारत के सम्राट अशोक ने बुद्ध का अनुसरण कर युद्ध करना छोड़ दिया था जिसमे जान माल की हानि होती थी |

18. 483 ई.पू. में बैशाख पूर्णिमा के दिन ही  महात्मा बुद्ध ने अपने देह का त्याग कर दिया था जिसे “महापरिनिर्वाण” कहा जाता है।

19. आपको जानकर आश्चर्य होगा की बुद्ध के जीवन में एक तिथि बहुत ही महत्व रखती है | यह है वैशाख पूर्णिमा का दिन | इसी दिन इनका जन्म , ज्ञान प्राप्ति और महानिर्वाण हुआ |

20.बुद्ध धर्म आज मुख्यत एशिया के देशो जैसे लंका, बर्मा और थाईलैंड ,नेपाल, तिब्बत, कोरिया, चीन और जापान में फैला हुआ है |

21. हिन्दू धर्म पुराणों में बुद्ध को विष्णु का अवतार बताया गया है |

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