शिष्य के लिए गुरु की महिमा


गुरु अर्थात ज्ञान का वो प्रकाश पूंज जो शिष्य के अन्धकार रूपी अज्ञान को समाप्त करके उसे और सार्थक मनुष्य बनाता है | संत कबीर ने बड़े ही सुन्दर दोहे में गुरु शिष्य का सम्बन्ध बताया है |गुरु महिमा सनातन धर्म में गुरु शिष्य की परम्परा अनंत काल पूर्व से चली आ रही है | रामायण , महाभारत और कलियुग काल में बड़े बड़े राजाओ ने गुरु से शिक्षा प्राप्त कर शास्त्र और शस्त्र विद्या का ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य किया ही |

संत कबीर के गुरु महिमा के प्रसिद्ध दोहे

कुमति कीच चेला भरा, गुरु ज्ञान जल होय |
जनम – जनम का मोरचा, पल में डारे धोया ||

कुबुद्धि रूपी कीचड़ से शिष्य भरा है, गुरु का ज्ञान जल है | इनमे इतना सामर्थ्य है की वे शिष्यों के जन्म जन्म का अज्ञान पल भर में दूर कर देते है |

गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि – गढ़ि काढ़ै खोट |
अन्तर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट ||


मिट्टी के बर्तन समान शिष्य के लिए गुरु कुम्हार की तरह होते है | जैसे कुम्हार मिट्टी के घड़े के निर्माण के समय अन्दर से सहारा देकर बाहर चोट देकर उसे तैयार करता है | उसी तरह गुरु भी शिष्य को आंतरिक रूप से मजबूत करके उसकी बाहरी सभी बुराइयों को नष्ट करता है |

भगवान से भी बड़े बताये गये है गुरु

गुरु की महिमा अपार और अनंत है जो शब्दों से बयान नही होती | मनुष्य का सबसे पहला गुरु माँ होती है जो उसे सबसे पहले जीना सिखाती है | फिर उसके बाद उसके पिता फिर वो सब गुरु है जो उसे सीख देते है | धार्मिक किताबो में बताया गया है की बिना गुरु के ईश्वर को नही पाया जा सकता है | क्योकि बिना गुरु के हम पशु समान है और तब हम अज्ञान में ही जीते है और ईश्वर में विश्वास नही करते |

 

हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहिं ठौर 

जब भगवान रूठ जाये तो गुरु सहारा दे देते है पर यदि गुरु ही रूठ गये तो उसे कोई सहारा नही देता |


गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णु र्गुरूदेवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥ 

गुरु ब्रह्मा विष्णु और महेश तीनो के सामान है | गुरु तो सबसे बड़ी सत्ता ब्रह्म भी है | इसी कारण सबसे बड़ी शक्ति (गुरु ) को नमन है |

Other Similar Post

गुरु पूर्णिमा कैसे मनाये
जाने गुरु पूर्णिमा त्यौहार की महिमा
श्लोक दोहे और शायरी  गुरु पूर्णिमा के लिए 

नाग पंचमी का महत्त्व और पूजा विधि

शिवजी का सावन सोमवार व्रत विधि

 

 

 

2 comments

  • उषा शर्मा

    बहुत सुंदर ज्ञानवर्धक जानकारी गुरु महिमा का आद्वतीय वर्णन कबीर दास जी के सुंदर दोहे

  • Super

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.