भगवान धन्वंतरि कौन है और उनकी पूजा विधि और मंत्र से पाए अच्छा स्वास्थ्य

जाने भगवान धन्वंतरि , उनकी पूजा विधि और मंत्रो के बारे में

Know About First Doctor Of Universe God Dhanvantri & His Worship Method and Mantra


धन्वंतरि आरोगता और स्वास्थ्य के देवता है | इन्हे भगवान विष्णु का अंशावतार बताया जाता है | कार्तिक मास की त्रयोदशी अर्थात धनतेरस के दिन यह समुन्द्र मंथन से प्रकट हुए थे | इनके हाथ में अमृत कलश था | इनके प्राकट्य दिवस धनतेरस के दिन इनकी पूजा अर्चना और मंत्र जप करने से व्यक्ति बड़ी से बड़ी बीमारियों पर भी विजय प्राप्त कर सकता है | इन्हे ब्रह्माण्ड का सबसे बड़ा चिकित्सक या वैद्य कहा जाता है |

dhanvantri devta

धन्वंतरि के प्रसिद्ध मंत्र

चलिए अब जानते है की धनतेरस या किसी भी मास की तेरस को अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें किन धन्वंतरि मंत्रो का जप करना चाहिए |

मंत्र -1


सत्यं च येन निरतं रोगं विधूतं,
अन्वेषित च सविधिं आरोग्यमस्य।
गूढं निगूढं औषध्यरूपम्, धन्वन्तरिं च सततं प्रणमामि नित्यं।।

मंत्र -2

ऊं रं रूद्र रोग नाशाय धनवंतर्ये फट्।।

मंत्र -3

ॐ अच्युताय गोविंदाय अनन्ताय नाम भेषजा नश्यन्ति सर्व रोगणि सत्यम् सत्यम् वदाम्यहम्।

मंत्र -4

ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाया वासुदेवाय धन्वन्तरये

अमृत कलश हस्ताय सर्व भय विनाशाय

सर्व रोग निवारणाय त्रैलोक्य पतये

त्रैलोक्य निधये

श्री महा विष्णु स्वरूप श्री धन्वंतरि स्वरुप

श्री श्री श्री औषध चक्र नारायणाय स्वाहा ।।

धन्वंतरि की पूजा विधि – Worship Method

जल से स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर ले | एक चोकी को  पीताम्बरी कपड़े से ढके और उस पर धन्वंतरि की फोटो या मूर्ति रखे | अब आप पंचोपचार या षोडशोपचार पूजन विधि  से इनकी पूजा करे जिसमे स्नान , आवाहन , आसन , दीपक , भोग , धुप दीप , अक्षत, सुगंध आदि शामिल है |


dhanvantri pooja

प्रसाद या भोग के रूप में आप इन्हे चांदी की कटोरी में तुलसी पत्ते डाली हुई केशर युक्त खीर का भोग लगाये | अपने और अपने इष्ट जनों के स्वास्थ्य के लिए इनकी महिमा का गुणगान करने वाले मंत्रो का जप करे | जप कम से कम 21 बार तो होने ही चाहिए | यदि ये संख्या  108 रखे सके तो अति उत्तम होगा |

आशा है भगवान धन्वंतरि आपके स्वास्थ्य संबधी सभी परेशानियों को दूर करेंगे |

जय देव धन्वंतरि

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