बच्चो पर शायरी – बचपन पर शायरी

Childhood Quotes Shayari Message

बिना छल कपट का साफ़ दिल की वो उम्र जब दुनियादारी की कोई फ़िक्र नही होती | भोले भले बच्चे और उनके मासूम इरादे | चीजो को जानने की चाह और पंख फैला कर उड़ने की ललक | इसी मासूम बचपन पर हम कुछ दिल को छूने वाली शायरी और मेसेज आपके लिए लाये है

जितनी बुरी कही जाती है उतनी बुरी नहीं है दुनिया

बच्चों के स्कूल में शायद तुम से मिली नहीं है दुनिया

मन करता है , इन बच्चो पर मण भर खुशियाँ लुटाऊ मैं |

जी करता है एक बार , फिर से बच्चा बन जाऊ मैं ||

बचपन शायरी

धड़कन धड़कन राधिका, नस नस माखन चोर
इन बच्चों ने भर दिया, वृंदावन हर ओर।

आसमान से पंख लगाकर, आई नन्हीं परी यहाँ
फूल महकने लगे खुशी से, खुश्बू फैली यहाँ वहाँ।

जीवन हर क्षण एक रण है ,

पर बिना चिन्ता जो समय गुजरे वो बालपन है |

या रब मुझे ख़ुदाई दे दे, गर तुझसा बन जाऊँगा
इन बच्चों के भोलेपन पर, तीनों जहाँ लुटाऊँगा।

झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम,
ये उन दिनों की बात हैं जब छोटे बच्चे थे हम.

कोई मुझको लौटा दे वो बचपन का सावन,
वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी.

बचपन के दिन भी कितने अच्छे होते थे,
जब निर्जीव चीजो के लिए हम रोते थे .

रोने की वजह भी न थी,
न हंसने का बहाना था,
क्यों हो गये हम इतने बडे,
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था.

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