संत नीम करौली बाबा कौन है

कैंची में नीम करौली बाबा मंदिर

नैनीताल के नीम करौली बाबा  हिस्ट्री

नैनीताल के भवाली-अल्मोड़ा हाइवे पर बने कैंची धाम मंदिर में नीम करौली बाबा की बड़ी मान्यता है |

ये दिव्य व्यक्तित्व के स्वामी थे इनके परम आराध्य देव हनुमानजी थे | इनके भक्तो का मानना है की इन्हे हनुमानजी की सिद्दिया प्राप्त थी |


जीवनी

ये अपने शरीर पर एक सफेद चादर लपेटे रहते थे | उत्तर प्रदेश के  अकबरपुर में एक ब्राह्मण परिवार में इनका जन्म हुआ | अल्प आयु में इनकी शादी कर दी पर शादी के कुछ साल बाद यह साधू बन गये | साधू बनने के 10 साल बाद फिर भाग्य ने इनके जीवन को नयी दिशा दी और फिर वे घर लौट आये और वैवाहिक जीवन जीने लग गये | इस बीच इन्होने बहुत सारे धार्मिक और सामाजिक कार्य भी किये | इनके २ पुत्र और १ पुत्री भी हुई |

बनवाए हनुमान के अनेको मंदिर

1962 में इन्होने बने कैंची धाम में एक चबूतरा का निर्माण किया जहा यह नित्य पूजा करने लगे | धीरे धीरे और भी सहयोगी इनका साथ देने लगे | इन्होने बालाजी के 108 मंदिरों का निर्माण देश विदेश में  भी करवाया | देश के साथ विदेश में भी इनकी कीर्ति बढ़ने लगी | यहा आने वाले भक्तो को अपार शांति और जीवन को सही तरीके से जीने की शिक्षा प्राप्त होती |




अपने अंतिम दिनों में इन्होने वृन्दावन को चुना और 10 सितम्बर 1973 को इनकी मृत्यु हुई | वृन्दावन में इनका एक चबूतरा और प्रतिमा लगाई गयी |

यह भी पढ़े :

क्यों माँ दुर्गा ने चुना शेर को अपनी सवारी

यह मंदिर बाहर से गर्म पर अन्दर से रहता है बहुत ठंडा – चमत्कारी शिव पार्वती मंदिर

भगवान श्री गणेश के चमत्कारी 12 नाम

क्यों पिया कृष्णा ने राधे के चरणों का चरणामृत

पितृ देवी देवता कौन है और इनकी महिमा क्या है

हनुमानजी की पूजा में महिलाये ध्यान रखे यह नियम

एक ऐसा समाज जो अपन शरीर पर राम नाम लिखवाता है

क्यों शिव को प्रिय है नशीली चीजे – भांग धतुरा

किस देवी देवता को कौनसा भोग पसंद है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.