देवी देवताओ को प्रिय भोग

देवी देवताओ को भोग

हिन्दू धर्म में पूजा का एक विशेष भाग होता है अपने आराध्य को भोग लगाना | भोग के रूप में  मिठाइयाँ , दूध , दही , फल, रोटी, चावल और अन्य पवित्र खाने योग्य चीजो को शामिल किया गया है | यही भोग फिर प्रसाद बनकर भक्तो में बाँट दिया जाता है | इसे शास्त्र भाषा में  ‘नैवेद्य’  कहा जाता है |

हर देवी देवता को अलग अलग भोग प्रिय होते है जो हम्हे शास्त्रों और पुराणों से पता चलता है | भगवान कृष्ण को माखन मिसरी का तो हनुमानजी को गुड चन्ने और केले का भोग अति प्रिय है |

आइये जानते है की किस देवी देवता को कौनसा भोग प्रिय है |

भगवान शिव : इन्हे चिरौंजी भांग धतुरा अति प्रिय है | शिवरात्रि पर गाजर और बेर विशेष चढ़ाये जाते है |

विष्णु भगवान : इन्हे खीर और सूजी के हलवे का भोग लगाना चाहिए | भोग में तुलसी की पत्ती जरुर डाले | हलवे में पंच मेवे जरुर डाले |

माता लक्ष्मी : इन्हे श्वेत और पिली मिठाई अति प्रिय है | पीले मीठे चावल का भोग लगाना भी इन्हे पसंद है |

सरस्वती माँ : इन्हे श्वेत मिठाई , चावल , दूध , दही का भोग लगाना चाहिए |

माँ दुर्गा : इन्हे हलुवा , मिठाई , अनार , केले अति प्रिय है | नवरात्रि के हर दिन इन्हे भोग लगाना चाहिए |

हनुमान जी :  इन्हे पेड़े , गुड चन्ने और केले अति प्रिय है | भोग के बाद इन्हे लौंग वाला पान जरुर चढ़ाये |

भैरव नाथ जी : इन्हे उड़द की दाल से बने पकवान , काले तील और उसके लड्डू प्रिय है | कुछ इन्हे मदिरा भी चढाते है |

काली माँ : इन्हे भी भैरव जी को लगाने वाले भोग प्रिय है | अनार इन्हे सबसे अधिक प्रिय है |

हमारा यह भी मानना है की प्रेम भाव से जो भी आप अपने आराध्य को अर्पित करेंगे वो उन्हें स्वीकार कर लेंगे | भोग में श्रद्दा , निष्ठा और प्रेम भाव होना जरुरी है |

यह भी जरुर पढ़े

क्यों लगाते है मंदिर में देवी देवताओ के चारो तरफ परिक्रमा

रामचरितमानस की मंगल भवन अमंगलहारी चौपाई

भूल से भी ना लगाई यह तस्वीरे घर में – वास्तुशास्त्र दोष

क्यों काम में लेते है पूजन क्रिया में चावल अक्षत

काल भैरव शिवजी का ही एक रूप

कैसे करे सुबह सूर्य की उपासना

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.