गंगा में अस्थि विसर्जन

गंगा में अस्थि विसर्जन

हिन्दू सनातन धर्म में माँ गंगा नदी की महिमा को कौन नही जानता | यह देव नदी हरि के चरणों से निकली हुई है और अब भगवान शिव की जटाओ में बसी हुई है | कई सालो की घोर तपस्या करके भागीरथ ने इसे धरती पर बुलवाया और सागर के पुत्रो को मोक्ष दिलवाया | जिस स्थान यह मोक्ष प्राप्ति हुई वो है गंगा सागर तीर्थ |


गंगा से मोक्ष प्राप्ति


तब से यह मान्यता हो गयी की इसमे स्नान करने से मनुष्य के सभी पाप खत्म हो जाते है | हिन्दुओ की इस नदी में अपार आस्था है | मरते समय यदि किसी के मुँह में गंगा जल डाला जाये तो उसके प्राण आसानी से निकलते है और मोक्ष की प्राप्ति होती है | इसके अलावा मृत्यु के बाद मरने वाली की अस्थियो को गंगा में विसर्जित किया जाना भी आत्मा की शांति के लिए परम माना जाता है | पढ़े गंगा की चमत्कारी शक्तियां

अस्थि विसर्जन के बाद भी गंगा पवित्र कैसे ?
आज तक यह बात पहेली बना हुआ है की इस चमत्कारी नदी में असंख्य मात्रा में अस्थियों का विसर्जन होने के बाद भी यह नदी पवित्र कैसे है |
वैज्ञानिको ने जब इस नदी के जल पर शोध किया तो पाया की इस नदी में पारा धातु की मात्रा अधिक है हो हड्डियों में विद्यमान कैल्सियम और फोस्फोरस को जल में विलीन कर देती है | अत: जल दूषित नही हो पाता |

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