आदि शंकराचार्य का जीवन परिचय और कहानी

आदि गुरु शंकराचार्य पूज्य श्री आदि गुरु शंकराचार्य जी के विषय में कुछ भी लिखना समुन्द्र के सामने एक नन्ही सी बूंद के समान है | उनकी महानता को लिखने के लिए कलम शाई सब तुच्छ पड़ जायेंगे | वे अलौकिक प्रतिभा , चरित्रबल , तत्वज्ञान और लोक कल्याण के लिए छोटी से उम्र में देश के प्रति समर्पण करने […]

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पुराणों में बताया गया कलियुग , आज हो रहा है सच्च

पुराणों में बताया गया है कलियुग , हो रहा है आज सच्च हिन्दू धर्म के बहुत सारे पुराणों में चार युगों में अंतिम युग कलियुग के बारे में पहले से ही भविष्यवाणी की जा चुकी है | आज इन्हे पढने पर यह सत्य साबित होते नजर आ रहे है | चाहे विष्णु पुराण हो ,  या भागवत या कल्कि पुराण […]

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भैरव का वाहन के कुकुर (कुत्ता ) क्यों है

क्यों भैरव की सवारी कुत्ता रहता है उनके साथ क्यों भैरव ने कुत्ते (स्वान) को ही अपना वाहन (सवारी ) चुना ?  स्वान  को हिन्दू देवता भैरव महाराज का सेवक और वाहन माना जाता है। सभी भैरव मन्दिरों में और उनकी फोटो में भैरव बाबा के साथ कुकुर के भी दर्शन होते है | भैरव मंदिर के करीब दिखने वाले […]

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इसलिए भगवान शंकर अपने शीश पर चंद्र को धारण किए हैं!

क्यों शिव के शीश पर चंद्रमा दिखाई देते है शिव का रूप सबसे अलग है | भस्म धारण करने वाले शिव , लम्बी जटाओ में गंगा का वास , नागो से सजे हुए भगवान शिव की की हर छवि में हर मूर्ति में उनकी जटाओ में चंद्रमा दिखाई देते है | क्यों त्रिपुरारी शंकर ने अपने शीश पर चंद्र को […]

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क्यों पहनते हैं जनेऊ और जाने महत्व और होने वाले लाभ

क्यों पहनते हैं जनेऊ और मिलने वाले लाभ हिंदू धर्म में सोलह संस्कार होते है जिनमें से एक यज्ञोपवीत संस्कार भी है. इसका दूसरा नाम जनेऊ संस्कार हैं. जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध, बलबन्ध, मोनीबन्ध और ब्रह्मसूत्र भी कहते हैं. इसे पुरुष द्वारा धारण करने की परम्परा प्राचीन है. वेदों और धार्मिक पुराणों में यज्ञोपवीत के महत्व और महिमा के […]

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भारत के मुख्य पवित्र धार्मिक पर्वत

भारत के मुख्य पवित्र धार्मिक पर्वत हिन्दू धर्म में भगवान को कण कण में बताया गया है | हम प्रकृति में भी देवता को देखते है | हमने पहले आपको बताया था की हिन्दू धर्म में वे 10 पवित्र और धार्मिक पेड़  जिनका पूर्ण सम्मान और वंदना की जानी चाहिए | भारत की पवित्र नदियों के बारे में भी बताया […]

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होलाष्टक क्या है

होलाष्टक पर वर्जित शुभ कार्य होलाष्टक के समय शुभ कार्य वर्जित होते है | यह फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी को लगता है | होलाष्टक फिर आठ दिनों तक रहता है और सभी शुभ मांगलिक कार्य रोक दिए जाते है | यह दुलहंडी पर रंग खेलकर खत्म होता है | होलाष्टक पर होते है 2 लकड़ी की स्थापना फाल्गुन शुक्ल […]

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हिन्दू धर्म में 10 सबसे पवित्र और पूजनीय वृक्ष

पवित्र और धार्मिक वृक्ष (पेड़ ) जिनकी होती है पूजा हिंदू धर्म का वृक्ष से गहरा नाता है। वृक्ष की रक्षा के लिए कई लोगो ने अपनी जान तक दी है | ये पेड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में सदियों से मनुष्यों को अन्न फल फुल लकड़ी और शरण देते आये है  | शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति एक पीपल, […]

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स्वस्तिक चिन्ह का महत्व और फायदे

स्वस्तिक चिन्ह महत्व स्वस्तिक चिन्ह भारतीय संस्कृति में हिन्दू धर्म का मंगल प्रतिक है |इसे सातिया या साथिया भी बोला जाता है | यह हमारे महान ऋषि मुनियों की देन है जो ईश्वर की शक्ति अपने अन्दर समाये हुए है |  किसी भी शुभ कार्य से पहले रोली चन्दन से स्वस्तिक चिन्ह बनाकर ही पूजा अर्चना शुरू की जाती है | […]

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भगवान गणेश के अलग अलग प्रसिद्ध नामो का अर्थ

गणेश के प्रसिद्ध नाम और अर्थ गणेश शिवजी और पार्वती के पुत्र हैं। गणों के स्वामी होने के कारण उनका एक नाम गणपति भी है। हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहते हैं। पढ़े : भारत में गणेश के मुख्य प्रसिद्ध मंदिर कौनसे है इनको केतु का देवता माना जाता है और जो भी संसार के साधन […]

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