वृंदावन का गोपेश्वर मंदिर – भगवान शिव को बनना पड़ा गोपी

वृंदावन के गोपेश्वर मंदिर में शिव है गोपी विश्व का एकमात्र ऐसा शिव मंदिर जहा शिव की पूजा गोपी के रूप में की जाती है | यह मंदिर वृंदावन में गोपेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है | इसका एक अन्य नाम गोपीनाथ मंदिर भी है | यह शिव कृष्ण की रास में शामिल होने के लिए गोपी बन कर […]

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भगवान शिव के गले में नर मुंड माला का रहस्य

क्यों पहने हुए है भगवान शिव अपने गले में  मुंड माला शिव इस जगत के संहारक है | इसी कारण इन्हे महाकाल , कालो का काल आदि नामो से भी संबोधित किया जाता है | हमने पहले के लेख में बताया था की शिव और शिवलिंग की पूजा भस्म से होती है जिसका कारण है की भस्म जीव की अंतिम […]

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ब्रह्मा को शिव के कोप से बनना पड़ा मृगशिरा नक्षत्र

हिन्दू धर्म में तीन महान शक्तियों ब्रह्मा जी , विष्णु जी और महेश को माना गया है | ब्रह्मा जी जगत के निर्माणकर्ता है , वही विष्णु को पालनहार तो शिव को संहारक की भूमिका प्राप्त है | ये तीनो ही जगत को सही नियमो से चलने की भूमिका अदा करते है | पढ़े : पौराणिक कथाओ का संग्रह पढ़े […]

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गजेन्द्र मोक्ष की पौराणिक कथा कहानी

गजेन्द्र मोक्ष की कथा कहानी गजेंद्र मोक्ष की कथा का वर्णन श्रीमद भागवत पुराण में किया गया है। क्षीरसागर में दस हजार योजन ऊँचा त्रिकुट नाम का पर्वत था। उस पर्वत के घोर जंगल में बहुत-सी हथिनियों के साथ एक गजेन्द्र (हाथी) निवास करता था। वह सभी हाथियों का सरदार था। एक दिन वह उसी पर्वत पर अपनी हथिनियों के […]

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करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा – कहानी

हिन्दू धर्म में हर सुहागिन महिलायों के लिए करवा चौथ व्रत का अत्यंत महत्व है | करवा चौथ पूजन विधि में व्रत कहानी बहुत मायने रखती है ।  व्रत के दौरान सुहागिनें कथा-कहानी भी करती हैं। पुराणों में हर व्रत या त्योहार से जुड़ी कहानियां होती हैं। करवा चौथ पर विशेषतौर पर भगवान गणेश से जुड़ी कहानियां कही जाती हैं। […]

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जब हनुमान जी ने सत्यभामा, गरुड़ और सुदर्शन चक्र का घमण्ड चूर किया

हनुमान जी की पौराणिक कथा जिसमे उन्होंने दूर किया सुदर्शन गरुड़ और सत्यभामा का घमंड दूर एक बार सुदर्शन चक्र को स्वयं की शक्ति पर अभिमान हो गया था और भगवान श्री कृष्ण ने उनके अभिमान को दूर करने के लिए श्री हनुमान जी की सहायता ली थी। सुदर्शन चक्र को यह अभिमान हो गया था कि उसने इंद्र के […]

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क्यों हनुमान ने नही मारा रावण को

रामायण आप सभी ने देखी होगी या पढ़ी होगी | रामायण त्रेतायुग में विष्णु के अवतार श्री राम , सीता , लक्ष्मण, रावण  और हनुमान पर केन्द्रित थी | जहा रामचंद्र के सहायक शिव के अवतारी श्री पवनपुत्र हनुमान थे | एक सवाल सभी के मन में आता है की जब हनुमान जी सीता माता की लंका में खोज कर […]

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क्यों भगवान शिव के पूजन में केतकी का पुष्प नही चढ़ाते

क्यों नहीं चढ़ाये जाते शिवजी को केवड़े के फूल जब भी हम किसी भी देवता को प्रसन्न करने के लिए किसी भी प्रकार का हवन या यज्ञ करते हैं तब हम उसमें भिन्न-भिन्न प्रकार की सामग्रियों को चढ़ाते हैं | इसमें कई तरह की मिठाइयां, पत्ते एवं फूल इत्यादि शामिल रहते हैं | किसी भी देवता की पूजा में फूलों […]

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सूर्य देवता की पौराणिक कथा – विंध्या ने सूर्य का मार्ग रोका

स्कंद महापुराण के काशी खंड में एक कथा वर्णित है कि त्रैलोक्य संचारी महर्षि नारद एक बार महादेव के दर्शन करने के लिए गगन मार्ग से जा रहे थें। मार्ग के बीच में उनकी दृष्टि उत्तुंग विंध्याद्रि पर केंद्रित हुई। ब्रह्मा के मानस पुत्र देवर्षि नारद को देखकर विंध्या देवी अति प्रसन्न हुई। तत्काल उनका स्वागत कर विंध्या ने देवर्षि […]

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गणेश चौथ की कथा और व्रत विधि

गणेश चतुर्थी व्रत कथा श्री गणेश चतुर्थी या गणेश चौथ व्रत को लेकर एक पौराणिक कथा प्रचलन में है. कथा के अनुसार एक बार भगवान शंकर और माता पार्वती नर्मदा नदी के निकट बैठे थें. वहां देवी पार्वती ने भगवान भोलेनाथ से समय व्यतीत करने के लिये चौपड खेलने को कहा. भगवान शंकर चौपड खेलने के लिये तो तैयार हो […]

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