1 सितम्बर 2020 से शुरू हो रहे है पितृ पूजन के पितृ पक्ष

पितृ देवी देवताओ को याद करने , पूजने और श्राद्ध निकालने के लिए साल 2020 में पितृ पक्ष 1 सितम्बर (पूर्णिमा ) के दिन से शुरू हो रहे है जो 17 सितम्बर से तक चलेंगे | अपने पितरो के निर्मित श्राद्ध , तर्पण दान आदि करने के लिए इसमे 15 तिथियाँ आती है | पितृ देवी देवता हमारे पूर्वजो की […]

Read more

माँ भुवनेश्वरी कौन है- इनकी महिमा और पूजा के बारे में जाने

भुवन शब्द का अर्थ ब्रह्मांड से है | और इस ब्रह्मांड की देवी का नाम है माँ भुवनेश्वरी | इन्हे प्रकृति की माँ भी कहा जाता है | दस महाविद्याओ में माँ भुवनेश्वरी पांचवे स्थान पर आती है | Know about Maa Bhuwneshawari Devi कैसे पड़ा माँ का नाम भुवनेश्वरी ? देवी भागवत के अनुसार दुर्गम दैत्य ने एक बार […]

Read more

जानें, क्या होता है पंचांग और क्या है इसका महत्व?

हिंदू धर्म में कुछ भी शुभ काम करने से पहले पंडित से  मुहूर्त जरूर दिखाया जाता है. कार्य मंगलमय और लाभप्रद हो इसके लिए सही तिथि , वार नक्षत्र देखे जाते है जिसमे पंचांग काम में लिया जाता है | पंचांग एक प्राचीन हिंदू कैलेंडर को कहा जा सकता है. पंचांग पांच अंग शब्द से बना है. हम इसे पंचांग […]

Read more

श्री राम वनवास के दौरान किन किन स्थानो पर ठहरे थे

पुराने उपलब्ध प्रमाणों और राम अवतार जी के शोध और अनुशंधानों के अनुसार कुल १९५ स्थानों पर राम और सीता जी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं जिन्हें ५ भागों में वर्णित कर रहा हूँ सिंगरौर :- यह वनवास का पहला पड़ाव था | यह गंगा घाटी के तल पर प्रयागराज से 35 किमी की दुरी पर है | इसी स्थान […]

Read more

ऋषि अगस्त से जुड़ी मुख्य जानकारी

भारत के महान वैदिक ऋषियो में अगस्त मुनि का नाम भी उज्जवल अक्षरों में लिखा गया है | रामायण में जिक्र है कि इन्होने श्री राम के वनवास काल में उन्हें बहुत से दिव्य अस्त्र शस्त्र दिए थे जो रावण और असुरी सेना के संहार में काम आये थे | वे गुरु वशिष्ट के बड़े भाई थे | इनका नाम […]

Read more

ऋषि मार्कण्डेय मुनि की महिमा और जीवनी

मार्कण्डेय ऋषि ने मार्कण्डेय पुराण की रचना की जिसमे उन्होंने इसके प्रसंग क्रौष्ठि को सुनाये थे | इस पुराण में देवी कात्यायनी की विस्तार से महिमा बताई गयी है | इनके पिता मृकंड थे और ये स्वयं देवादिव महादेव के परम भक्त थे | शिव कृपा से इनका जन्म हुआ और इनकी आयु सिर्फ 16 साल की थी | मृत्यु […]

Read more

राजा परीक्षित कौन है

महाभारत के अनुसार राजा परीक्षित अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु और उत्तरा के पुत्र थे | अश्वत्थामा ने कौरव पांडव युद्ध के समय ब्रम्हशिर अस्त्र से उत्तरा के गर्भ को गिराने का प्रयास किया पर श्री कृष्ण ने इस प्रयास को विफल कर दिया  | श्री कृष्ण ने इस नंदनीय पाप के लिए अश्वत्थामा को जीवन भर सड़ते रहने का […]

Read more

गांधारी के श्राप के कारण श्री कृष्ण के साथ यदुवंश का अंत

इतिहास का सबसे बड़ा युद्ध कुरुक्षेत्र का माना जाता है जिसमे भाई से भाई भिड़े , गुरु से शिष्य , दादा से पोते , मामा से भांजे और रिश्तो से रिश्ते | यह युद्ध श्री कृष्ण भगवान चाहते थे और वे चाहते तो इसे रोक सकते थे पर उन्होंने ऐसा नही किया | गांधारी अपने पुत्रो के मरने से अत्यंत […]

Read more

अक्षय पात्र क्या होता है और शास्त्रों में इसका विवरण

अक्षय अर्थात जिसका कभी अंत ना हो , क्षय ना हो | और पात्र का अर्थ आम भाषा में बर्तन से है | महाभारत के वनपर्व में इस अक्षय पात्र के बारे में बताया गया है | यह ऐसा पात्र होता है जिसमे जब भी हाथ डालो आपको खाने और पीने के लिए मनवांछित भोजन और जल की प्राप्ति हो […]

Read more

महर्षि अगस्त ने क्यों पी लिया समुन्द्र का पूरा जल

अगस्त मुनि द्वारा सागर का सम्पूर्ण जल पीने की कथा महाभारत के सभापर्व में एक प्रसंग आया है जिसमे बताया गया है कि एक बार लोक कल्याणार्थ महर्षि अगस्त ने समुन्द्र का पूरा जल पीकर देवताओ को दैत्यों पर विजय दिलवाई थी | एक बार इंद्र सहित सभी देवता अगस्त मुनि के आश्रम पहुंचे और उनसे कालेह और उसके साथियों […]

Read more
1 2 3 127